3 घंटे से अधिक नहीं बैठते हैं उन लोगों की तुलना में 6 घंटे से ज्यादा बैठे रहने से डायबिटीज, हार्ट डिसीज और मोटापे का खतरा 18% बढ़ जाता है.
बैठकर काम करते समय :
नेक: स्क्रीन की पोजीशन नेचुरल स्थिति में हो, झुकना या सिर ऊंचा न करना पड़े.
कोहनी और कलाई: दोनों ही आरामदायक ढंग से सही ऊंचाई के हिसाब से कार्य कर सकें.
बैक: ऐसी पोजीशन में बैठिए कि हिप लगभग सीधे में हो, ताकि लोअर बैक मसल्स भी इंगेज रहें.
हिप, नी, एंकल: पैर आसानी से जमीन पर रखे जा सकें. ऐसी कुर्सी का इस्तेमाल करें, जो आराम से सही पॉश्चरे में बैठने में मददगार हो.

की-बोर्ड पर काम करने का तरीका-
कलाई की-बोर्ड के आसपास लेकिन कुछ इंच की ऊंचाई पर ही होनी चाहिए. कम्प्यूटर पर काम करते समय हाथ 90 डिग्री के एंगल पर होना चाहिए.
की-बोर्ड पर काम करने का गलत तरीका-
बांह, कलाई और हथेली को फ्लोर के बराबर रखिए. हाथ को बाहर की तरफ खुले मत रखिए. कलाई में दर्द हो सकता है. हाथ को अंदर की तरफ भी बंद न करें. कंधे या गर्दन में दर्द हो सकता है.
ऑफिस में ध्यान रखिये:
हर घंटे में एक ब्रेक लेकर बॉडी को स्ट्रेच कीजिए.
काम चाहे बैठकर करना हो या खड़े होकर करना हो, सपोर्टिव और कंफर्टेबल शूज होना चाहिए.
काम के दौरान ब्रेक में कुछ मिनट चलिए, कोई बॉडी वेट एक्सरसाइज जैसे स्केट या पुशअप कर सकते हैं.
स्ट्रेस रिलीज करने के लिए जैसे ऑफिस में पालतू जानवर हो तो उनके साथ कुछ समय खेलना या कॉफी पीने जाना.
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